Mitwa lyrics

Mitwa Lyrics in  English

(Love will find a way
Jaaniye heeriye) *2

(Mere mann ye batade tu
Kis or chala hai tu
Kya paya nahi tu ne
Kya dhoondh raha hai tu

Jo hai ankahi, jo hai ansuni
Woh baat kya hai bata
Mitwa, kahe dhadkanein tujhse kya
Mitwa, ye khudse toh na tu chupa) *2

Jeevan dagar mein, prem nagar mein – 2
Aaya nazar mein, jabse koi hain
Tu sochta hain, tu poochta hain
Jiski kami thi, kya ye wohi hain
(Haan yeh wohi hain) * 2
Tu ek pyaasa, aur yeh nadi hain
Kaahe nahi, isko tu, khulke bataye…

Jo hai ankahi, jo hai ansuni
Woh baat kya hai bata
Mitwa, kahe dhadkanein tujhse kya
Mitwa, ye khudse toh na tu chupa…

Ooo teri nigahein, paagayi rahein
Par tu yeh soche, jaaun na jaaun
Yeh zindagi jo, hai naachti toh
Kyon bediyon mein, hai tere paanv
Preet ki dhun par, naach le paagal
Udta agar hai, udne de aanchal
Kaahe koi, apne ko, aise tarsaaye…

Jo hai ankahi, jo hai ansuni
Woh baat kya hai bata
Mitwa, kahe dhadkanein tujhse kya
Mitwa, ye khudse toh na tu chupa…

Mere mann ye batade tu
Kis or chala hai tu
Kya paya nahi tu ne
Kya dhoondh raha hai tu…

(Love will find a way, love will
Jaaniye, everywhere, heeriye, everyday
(Love will find a way, mitwa) *3
Love will find a way…

Mitwa Lyrics in Hindi

जानिये हीरिये
जानिये हीरिये

मेरे मन ये बता दे तू
किस ओर चला हैं तू
क्या पाया नहीं तूने
क्या ढूंढ रहा हैं तू
जो है अनकहीं जो हैं अनसुनी
वो बात क्या है बता

मितवा कहे धड़कने हैं तुझसे प्यार
मितवा ये खुदसे तो ना तू छुपा

मेरे मन ये बता दे तू
किस ओर चला हैं तू
क्या पाया नहीं तूने
क्या ढूंढ रहा हैं तू
जो है अनकहीं जो हैं अनसुनी
वो बात क्या है बता

मितवा कहे धड़कने हैं तुझसे प्यार
मितवा ये खुदसे तो ना तू छुपा

जीवन डगर में प्रेम नगर में
जीवन डगर में प्रेम नगर में
आया नज़र में जब से कोई हैं
तू सोचता हैं तू पूछता हैं
जिसकी कमी थी क्या ये वही हैं

हां ये वही हैं
हां ये वही हैं

तू एक प्यासा और ये नदी हैं
काहे नहीं इसको तू खुलके बताये
जो है अनकहीं जो है अनसुनी
वो बात क्या है बता

मितवा कहे धड़कने हैं तुझसे प्यार
मितवा ये खुदसे तो ना तू छुपा

तेरी निगाहें
पर तू ये सोचे जाऊं ना जाऊं
ये ज़िन्दगी जो है नाचती तो
क्यों बेड़ियों में हैं तेरे पाँव
प्रीत की धुन पर नाच ले पागल
उड़ता अगर हैं उड़ने दे आँचल
काहे कोई अपने को ऐसे तरसाये
जो है अनकहीं जो हैं अनसुनी
वो बात क्या है बता

मितवा कहे धड़कने हैं तुझसे प्यार
मितवा ये खुदसे तो ना तू छुपा

मेरे मन ये बता दे तू
किस ओर चला हैं तू
क्या पाया नहीं तूने
क्या ढूंढ रहा हैं तू
मितवा….

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